किरंदुल, 11 अगस्त –
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एनएमडीसी की किरंदुल परियोजना में 10 अगस्त की रात्रि लगभग 9:45 बजे तीन बसे हादसे का शिकार हो गई, जिसमें कुछ कर्मचारी को हल्की चोट आई।
हादसा उस समय हुआ जब द्वितीय पाली की समाप्ति कर्मचारियों को वापस माइन्स से चेक पोस्ट की ओर आ रही थी । यह दुर्घटना बस नंबर 11 के ड्राइवर एक काली गाय को बचाने के प्रयास में पूरी ब्रेकिंग सिस्टम प्रयोग करते हुए बस को अपनी चतुराई से रोक दी, इसके पश्चात पीछे आ रही बस नंबर 2 बस नंबर 11 जो कि अचानक खड़ी हो गई उससे जा टकराई तथा 1 नंबर बस जो कि सबसे पीछे आ रही थी वह भी अचानक खड़ी बस नंबर 2 से जा टकराई । बस चालकों की निपुणता से बड़ी घटना होने से बच गई। बस नंबर 2 दोनों तरफ से क्षतिग्रस्त हो गई ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस ड्राइवर ने काली गाय को देख तुरंत ब्रेक लगाया, जिससे सभी यात्रियों को सुरक्षित रखते हुए बस को नियंत्रित कर लिया गया। इस दौरान बस संख्या 1 और बस संख्या 2, जो पीछे आ रही थीं, भी अचानक ब्रेक लगाने के कारण मामूली क्षतिग्रस्त हो गईं। इन बसों में सवार कर्मचारी सुरक्षित हैं और केवल हल्की चोटें आई हैं, जिनका इलाज किरंदुल परियोजना अस्पताल में चल रहा है।
गौरतलब है कि इस दुर्घटना में किसी की गंभीर चोट की खबर नहीं है, लेकिन यह घटना चिंताजनक है क्योंकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस सड़क पर अक्सर जंगली जानवर व आवारा मवेशी अचानक आ जाते हैं।
सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल
एनएमडीसी खदान क्षेत्र और औद्योगिक मार्ग की सुरक्षा सीआईएसएफ (CISF) की देखरेख में रहती है, फिर भी इस तरह की घटनाएं होना चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब सड़क के किनारे रोड गार्ड रेल्स बिछी हो और दूसरी ओर खड़ी पहाड़ी हो, तो किसी भी वाहन के लिए अचानक आए जानवर से बचना कठिन हो जाता है।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी कई गंभीर हादसे जंगली जानवरों के कारण हो चुके हैं, जिससे कई लोगों की जान और संपत्ति का नुकसान हुआ है।
भविष्य में सुरक्षा के उपाय आवश्यक
इस हादसे से सबक लेते हुए कर्मचारियों और चालकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। आवारा मवेशी के प्रवेश को रोकने के उपाय लागू किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
