किरंदुल (दंतेवाड़ा) — राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्षगांठ के अवसर पर लौहनगरी किरंदुल की पावन धरा पर विजयादशमी उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। क्षेत्र की आराध्या माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद और नगरवासियों के उत्साह से यह आयोजन अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का एक जीवंत उदाहरण बन गया।दुर्गा मंडप (बंगाली कैम्प) से आरंभ हुए स्वयंसेवकों के पथ संचलन ने नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्री राघव मंदिर बैलाडीला देवस्थान परिसर में समापन किया। नगर की गलियों में जब स्वयंसेवकों का अनुशासित कदमताल गुंजायमान हुआ, तो सम्पूर्ण वातावरण राष्ट्रभाव, ऊर्जा और उल्लास से भर गया।मार्ग में जगह-जगह नगर के गणमान्य नागरिकों और मातृशक्तियों द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया, जिससे आयोजन की गरिमा और अधिक बढ़ गई। यह क्षण नगरवासियों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण एवं भावनात्मक था।इस अवसर पर दक्षिण बस्तर विभाग कार्यवाह श्री महेन्द्र नायक मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। वरिष्ठ समाजसेवी श्री तुलसीराम नेताम और नगर संघ चालक श्री रामकृष्ण बैरागी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे।नगर कार्यवाह द्वारा जानकारी दी गई कि कार्यक्रम की सफलता में नगर के समस्त स्वयंसेवकों, नगरपरिवार और मातृशक्तियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष की दिशा में एक प्रेरणादायी शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
