दंतेवाड़ा/किरंदुल।
दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल क्षेत्र से एक अत्यंत संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एनएमडीसी (राष्ट्रीय खनिज विकास निगम) प्रबंधन पर एक माँ ने अपने 25 वर्षीय बेटे की मौत के लिए गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता लक्ष्मी देवी का कहना है कि एनएमडीसी के कार्मिक विभाग एवं अधिकारियों की लापरवाही, भुगतान रोकने के फैसले और लगातार मानसिक दबाव के कारण उनका बेटा अजय ठाकुर गहरे अवसाद में चला गया और समय पर इलाज न मिल पाने के कारण उसकी मौत हो गई।
लक्ष्मी देवी ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा अजय ठाकुर एनएमडीसी से जुड़े कार्यों में मजदूरों के भुगतान की जिम्मेदारी निभा रहा था। आरोप है कि एनएमडीसी अधिकारियों ने मजदूरों का भुगतान अजय के माध्यम से करवाया, लेकिन बाद में अचानक भुगतान रोक दिया गया। इस फैसले से अजय पर भारी आर्थिक दबाव आ गया। मजदूरों के पैसे अटकने, अधिकारियों के दबाव और लगातार टालमटोल के चलते वह मानसिक तनाव में रहने लगा।
इलाज के लिए गुहार, पर नहीं मिला भुगतान
पीड़िता के अनुसार, इसी दौरान अजय की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ने लगी और उसे तत्काल इलाज की आवश्यकता थी। परिवार ने कई बार एनएमडीसी प्रबंधन और कार्मिक विभाग से अटके भुगतान की मांग की, लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। आर्थिक संकट इतना बढ़ गया कि बेटे के इलाज के लिए लक्ष्मी देवी को अपने गहने तक बेचने पड़े। इसके बावजूद पर्याप्त इलाज नहीं हो सका और अंततः अजय की मौत हो गई।
लक्ष्मी देवी का कहना है कि यदि समय पर भुगतान मिल जाता, तो उनके बेटे की जान बच सकती थी। उन्होंने एनएमडीसी के कार्मिक विभाग को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए इसे हत्या के समान कृत्य बताया है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएँ
स्थानीय लोगों और ठेकेदारों का दावा है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी भुगतान में देरी, कथित दबाव और मानसिक प्रताड़ना के कारण दो ठेकेदारों की मौत हो चुकी है। अजय ठाकुर की मौत के बाद क्षेत्र में पहले से मौजूद असंतोष अब आक्रोश में बदल गया है।
ठेकेदार संघ ने लगाए गंभीर आरोप
ठेकेदार संघ के अध्यक्ष अतुल सिंह ने आरोप लगाया कि एनएमडीसी खुद लेबर लगवाती है, काम करवाती है और बाद में भुगतान की जिम्मेदारी ठेकेदारों पर डाल दी जाती है। भुगतान के समय आईआर (IR) का हवाला देकर महीनों तक बिल रोके जाते हैं। इससे ठेकेदार कर्ज में डूब जाते हैं और कई परिवार तबाही के कगार पर पहुँच जाते हैं।
एफआईआर की तैयारी, आंदोलन के संकेत
बताया जा रहा है कि मामले को लेकर जल्द ही थाने में एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। पीड़ित परिवार और समर्थकों का कहना है कि वे इस मामले को दबने नहीं देंगे। किरंदुल क्षेत्र में एनएमडीसी प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी चल रही है।
