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AM/NS इंडिया के सहयोग से 1000 फलदार पौधारोपण – संविधान की कलम पत्रकार संघ के साथ एक ऐतिहासिक पहल

ByK Raghu Rao

Dec 20, 2025
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बैलाडीला परिक्षेत्र के किरंदुल में 1000 फलदार पौधों का रोपण, मानव–वानर संघर्ष के समाधान की दिशा में बड़ा कदम दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल नगर में पर्यावरण संरक्षण और मानव–वन्यजीव संतुलन की दिशा में एक ऐतिहासिक और अनुकरणीय पहल देखने को मिली है। AM/NS इंडिया लिमिटेड के सहयोग से संविधान की कलम पत्रकार संघ द्वारा जंगल क्षेत्र में 1000 फलदार पौधों का रोपण किया गया है। यह दंतेवाड़ा जिले में पहली बार है जब किसी पत्रकार संघ ने सामाजिक सरोकार से जुड़कर वन्यजीव संरक्षण के लिए इतनी बड़ी पहल की है।


वर्तमान समय में किरंदुल सहित आसपास के क्षेत्रों में बंदरों के शहर की ओर आने की समस्या गंभीर होती जा रही है। इसका मुख्य कारण अंधाधुंध वनों की कटाई और जंगलों से फलदार वृक्षों का समाप्त होना है। जंगलों में प्राकृतिक भोजन की कमी के चलते वानर भोजन की तलाश में नगर क्षेत्र में प्रवेश करने लगे हैं, जिससे न केवल आम नागरिकों को lपरेशानी हो रही है, बल्कि बंदरों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। इस स्थिति ने मानव और वानर—दोनों के लिए संकट खड़ा कर दिया है।
इसी समस्या को गंभीरता से समझते हुए संविधान की कलम पत्रकार संघ ने इसका स्थायी और प्राकृतिक समाधान तलाशा। संघ ने तय किया कि बंदरों को नुकसान पहुँचाने या भगाने के बजाय, जंगल में ही उनके लिए भोजन की व्यवस्था की जाए। इसी उद्देश्य से जंगल क्षेत्र में 1000 फलदार पौधों का रोपण किया गया, ताकि आने वाले वर्षों में जब ये पौधे फल देने लगें, तो वानरों को जंगल में ही पर्याप्त भोजन उपलब्ध हो सके और वे स्वाभाविक रूप से शहर से दूर रहें।


यह कदम न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जिम्मेदार पत्रकारिता और सामाजिक चेतना का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है। AM/NS इंडिया के सहयोग से किए गए इस अभियान को स्थानीय नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों द्वारा व्यापक सराहना मिल रही है। पूरा किरंदुल शहर इस पहल की तारीफ कर रहा है और यह अभियान इन दिनों जनचर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।


किरंदुल में हुआ यह पौधारोपण अभियान यह संदेश देता है कि पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर ही संभव है। यह पहल आने वाले समय में अन्य संस्थाओं और संगठनों को भी प्रेरित करेगी कि वे समाज और प्रकृति के हित में इस तरह के दूरदर्शी कदम उठाएं।

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