सुकमा, छत्तीसगढ़
जिले में रेत माफिया एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। जानकारी के अनुसार सुकमा की रेत अवैध रूप से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना भेजी जा रही है। स्थानीय पत्रकारों ने इस पर कड़ा विरोध जताया है।
पत्रकारों का कहना है कि पिछले वर्ष भी जब उन्होंने रेत माफिया की करतूतों को उजागर किया था, तब चार पत्रकारों को 25 दिनों तक जेल की यातना सहनी पड़ी थी। इसके बावजूद प्रशासन ने इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई नहीं की।
अवैध रेत परिवहन की बढ़ती घटनाओं को लेकर पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सुकमा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि रेत खनन से न केवल प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है, बल्कि नदी और आसपास के पर्यावरण पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
