जिला स्वास्थ्य शिविर सफल, लेकिन अपशिष्ट प्रबंधन में भारी चूक
किरंदुल, 1 अक्टूबर 2025:
भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के अंतर्गत दिनांक 1 अक्टूबर को ज़िले भर में स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का आयोजन किया गया। यह शिविर जिला स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित किए गए, जिनमें विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा बहुतेरे मरीजों की जाँच की गई। इस शिविर में दंत चिकित्सक, नेत्र चिकित्सक, चर्म रोग विशेषज्ञ, अस्थि रोग विशेषज्ञ, एम.डी. मेडिसिन, शिशु रोग विशेषज्ञ, ईएनटी (कान-नाक-गला) विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ तथा सहायक चिकित्सा अधिकारियों की उपस्थिति रही। मरीजों को मुफ्त परामर्श, जांच, और आवश्यक दवाइयाँ भी प्रदान की गईं। आयोजन को क्षेत्रवासियों द्वारा खूब सराहा गया।हालाँकि शिविर की कार्यवाही सफल रही, लेकिन इसके बाद उत्पन्न चिकित्सा अपशिष्ट का उचित निस्तारण न होना एक गंभीर चिंता का विषय बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार शिविर समाप्त होने के बाद प्रयोग की गई ब्लड टेस्ट किट, मलेरिया टेस्टिंग किट, ग्लास स्लाइड्स, और प्रयुक्त सुइयाँ जैसे जैविक अपशिष्ट को खुले चौक में फेंक दिया गया। रात के समय इन स्थानों पर आवारा कुत्तों, गायों और मवेशियों की आवाजाही देखी गई, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बायोमेडिकल कचरे का उचित निस्तारण आवश्यक है, अन्यथा यह न सिर्फ जानवरों बल्कि आम नागरिकों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि भविष्य में होने वाले ऐसे आयोजनों में चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ पर्यावरण और सार्वजनिक सुरक्षा का भी ध्यान रखा जा सके।
