नोएडा में आयोजित 40वें अंतरराष्ट्रीय दीक्षांत समारोह में साहित्य एवं मानविकी विषय में मिला ‘डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी’ का सम्मानकिरंदुल। दंतेवाड़ा जिले के लिए गर्व का क्षण तब आया, जब किरंदुल निवासी राजेंद्र सक्सेना को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न तथा भारत में संचालित विक्टोरिया यूनिवर्सिटी द्वारा साहित्य एवं मानविकी (Literature & Humanities) विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (PhD) की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उत्तर प्रदेश के नोएडा में आयोजित 40वें अंतरराष्ट्रीय दीक्षांत समारोह के दौरान प्रदान किया गया।दीक्षांत समारोह में देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. बीरेंन दबे (अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष, ICWC) सहित डॉ. नंद कुमार झा दर्शनार्थी, डॉ. राम कृष्ण साह (संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि, यूएसए), एडवोकेट राजेंद्र वर्मा (वरिष्ठ अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय), डॉ. गोपाल दास (पूर्व आईएएस), एडवोकेट मोती प्रसाद, संत डॉ. सौरभ पांडेय (कुलपति, धरा धर्म इंटरनेशनल), प्रो. बृज गोपाल सिंह तथा एडवोकेट महेश नागर ने अपने करकमलों से राजेंद्र सक्सेना को पीएचडी की उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया।राजेंद्र सक्सेना ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय सभी शुभचिंतकों को देते हुए कहा कि निरंतर अध्ययन, अनुशासन और सकारात्मक सोच से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।उनकी इस उपलब्धि पर किरंदुल, दंतेवाड़ा तथा पूरे बस्तर अंचल में हर्ष का माहौल है। सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
