एशियन गेम्स मैराथन में 2:11:37 के समय के साथ जीता रजत पदक, 42 साल बाद भारत को दिलाया मैराथन पदक
देश की नवरत्न खनन कंपनी एनएमडीसी के सहयोग से भारतीय एथलीट **श्री सावन बरवाल** ने एशियन गेम्स मैराथन में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया है। हिमाचल प्रदेश के 28 वर्षीय सेना के एथलीट बरवाल ने **2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड** के समय के साथ यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
इस पदक के साथ सावन बरवाल वर्ष 1982 के बाद एशियन गेम्स मैराथन में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। वर्ष 1982 में नई दिल्ली में आयोजित एशियन गेम्स में श्री होसुर कुक्कप्पा सीतारन ने मैराथन में कांस्य पदक जीता था।
एनएमडीसी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी के दौरान सावन बरवाल को सहयोग प्रदान किया। उनकी सफलता कंपनी की खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रोत्साहन और उन्हें बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए तैयार करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
एनएमडीसी लंबे समय से देश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रहा है। कंपनी कबड्डी, बॉक्सिंग, क्रिकेट और फुटबॉल सहित कई खेलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को व्यक्तिगत प्रायोजन और सहयोग प्रदान करती रही है। इसके अलावा एनएमडीसी कई वर्षों से **हैदराबाद मैराथन का टाइटल स्पॉन्सर** भी रहा है।
प्रधानमंत्री के ‘फिट इंडिया’ विजन के अनुरूप एनएमडीसी युवाओं में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य तथा खेल भावना को बढ़ावा देने के लिए गेमिफाइड वॉकाथॉन, खेल प्रतियोगिताओं और योग कार्यक्रमों का आयोजन एवं समर्थन करता है।
### बस्तर के 170 एथलीटों को भी मिला एनएमडीसी का सहयोग
एनएमडीसी की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की पहल का विस्तार बस्तर जैसे क्षेत्रों तक भी है। हाल ही में संपन्न **एनएमडीसी हैदराबाद मैराथन** में कंपनी ने बस्तर के **170 एथलीटों को प्रायोजित** किया। इनमें बस्तर के श्री **फुलधर नेताम** ने ओपन कैटेगरी में प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
सावन बरवाल की ऐतिहासिक उपलब्धि और फुलधर नेताम जैसे उभरते खिलाड़ियों की सफलता एनएमडीसी के उस प्रयास को मजबूती देती है, जिसके माध्यम से कंपनी देशभर की खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आवश्यक अवसर और सहयोग उपलब्ध कराने तथा उनके सपनों को बड़े मंच तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
